कविल्ठा में विश्व समृद्धि व क्षेत्र की खुशहाली की कामना के लिए वेद ऋचाओं का शुभारंभ…. रिपोर्ट :- लक्ष्मण नेगी।

कविल्ठा में विश्व समृद्धि व क्षेत्र की खुशहाली की कामना के लिए वेद ऋचाओं का शुभारंभ…. रिपोर्ट :- लक्ष्मण नेगी।
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कविल्ठा में विश्व समृद्धि व क्षेत्र की खुशहाली की कामना के लिए वेद ऋचाओं का शुभारंभ.… रिपोर्ट :- लक्ष्मण नेगी।
         ऊखीमठ : कालीमठ घाटी की ग्राम पंचायत कविल्ठा में विश्व समृद्धि व क्षेत्र की खुशहाली की कामना से श्रीमद् देवीभागवत व श्रीमद्भागवत कथा का वेद ऋचाओं के साथ शुभारंभ हो गया है। धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन से कविल्ठा गाँव सहित कालीमठ घाटी का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

श्रीमद् देवीभागवत व श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन सैकड़ों श्रद्धांलुओं ने कथा श्रवण कर पुण्य अर्जित किया। श्रीमद् देवीभागवत कथा की महिमा का वर्णन करते हुए व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक रमेश चन्द्र भटट् ने कहा कि भगवती दुर्गा की महिमा का वर्णन श्रीमद् देवीभागवत पुराण में विस्तृत से किया गया है तथा श्रीमद् देवीभागवत कथा जो मनुष्य मन लगाकर श्रवण करता है। उसके सभी कष्टों का हरण होता है तथा सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि कालीमठ घाटी भगवती की तपस्थली रही है इसलिए इस माटी के कण – कण में भगवती के कई शक्तिपुंज विराजमान है, जिनके दर्शन करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक प्रियधर भटट् ने श्रीमद्भागवत कथा की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि जिस प्रकार पर्वतों में हिमालय, देवताओं में इन्द्र, अप्सराओं में रम्भा, देव सेनापति में कार्तिकेय, हाथियों में ऐरावत, नागों में वासुकी, ऋतुओं में बसन्त को श्रेष्ठ माना गया है उसी प्रकार पितरों के उधार के लिए श्रीमद्भागवत कथा को श्रेष्ठ माना गया है! उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन से मनुष्य सदगति को प्राप्त होता है तथा मनुष्य को लौकिक व पारलौकिक दोनों उद्देश्यों की समान रूप से पूर्ति होती है।
इस मौके पर ब्रह्मा ओम प्रकाश भटट्, गिरीश भटट्, महेश चन्द्र सती, जगदम्बा भटट्, राकेश गौड़, पुरूषोत्तम भटट्, विपिन भटट्, शुभम भटट्, हरीश गौड़, अब्बल सिंह राणा, जयन्ती देवी, प्रधान अरविन्द राणा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनवर चौहान, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कृपाल सिंह राणा, सामाजिक कार्यकर्ता बलवन्त सिंह रावत, मोहन सिंह रावत, बीरेन्द्र रावत, नरेन्द्र सिंह, गंगा सिंह, विनोद राणा, अमर सिंह, सते सिंह सहित विभिन्न गांवों के सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे।

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