घोड़े-खच्चर कमजोर एवं अनफिट है तो उसका यात्रा मार्ग में संचालन न किया जाय :- सौरभ बहुगुणा

घोड़े-खच्चर कमजोर एवं अनफिट है तो उसका यात्रा मार्ग में संचालन न किया जाय :- सौरभ बहुगुणा
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घोड़े-खच्चर कमजोर एवं अनफिट है तो उसका यात्रा मार्ग में संचालन न किया जाय :- सौरभ बहुगुणा

ऊखीमठ। जनपद एक दिवसीय भ्रमण में पहुँचे पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, प्रोटोकॉल, कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा का गुलाबराय मैदान में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती अमरदेई शाह, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने जनपद आगमन पर पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। मंत्री द्वारा रुद्रा काम्पलैक्स रुद्रप्रयाग में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े खच्चरों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये हैं केदारनाथ धाम यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने व यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोडे खच्चरों का स्वास्थ का विशेष ध्यान रखा जाए, यदि कोई घोड़ा-खच्चर कमजोर एवं अनफिट है तो उसका यात्रा मार्ग में संचालन न किया जाय।

उन्होंने जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये है कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोड़े खच्चरों का समुचित ध्यान रखा जाये तथा यात्रा मार्ग में पीने के पानी की उचित व्यवस्था की जाये। तथा जो पानी की पशुचरहियों की उचित साफ-सफाई करते हुए खच्चरों के लिये गर्म पानी व उनके चारे-दाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। जिससे घोड़े खच्चरों की हो रही मृत्यु को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग में लगभग दस हजार घोड़े खच्चर हैं जिसमें आठ हजार पांच सौ का ही रजिस्ट्रेशन किया गया है, इसमें एक दिन में पचास प्रतिशत ही घोड़े खच्चरों का संचालन करने के निर्देश दिये तथा घोड़े चच्चरों का एक दिन अनिवार्य रूप से आराम दिया जाये।

उन्होंने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को निर्देश दिये है कि यात्रा मार्ग में एक फोर्स तैनात करने के निर्देश दिये, जिसमें 20 लोगों शामिल किये जाये, जिनका कार्य होगा कि यात्रा मार्ग में संचालित घोड़े खच्चरों को उनके मालिकों एवं हाॅकरों द्वारा समय-समय पर दाना-चारा-पानी उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं पूरे यात्रा मार्ग पर निगरानी करते रहेगें। इसके साथ ही उन्होंने पांच सदस्यों की टीम भी गठित करने के निर्देश दिये जिसमें पशु चिकित्सक, पुलिस, जिला पंचायत एवं जिला प्रशासन के लोग शामिल होंगे जिनका कार्य होगा कि यात्रा मार्ग में संचालित हो रहे घोडे खच्चरों का निरन्तर निगरानी करते हुये जांच करेगें, एवं जांच में पाया जाता कि घोडा खच्चर कमजोर पाया जाता है तो यात्रा मार्ग में उसका संचालन न किया जाये। यदि यात्रा मार्ग में घोड़े खच्चर की मृत्यु होती है तो जांच रिपोर्ट में यह पाया जाता है कि उसकी मृत्यु उचित दाना-पानी न मिलने व भूख के कारण हुई है तो घोड़े खच्चर मालिक एवं होकर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए तथा घोड़े खच्चर के बीमा का पैसा भी न दिया जाये।
उन्होंने यह भी निर्देश दिये है कि कमजोर घोड़े खच्चरों के लिये उचित दाने एवं चारे की व्यवस्था पशुपालन विभाग द्वारा कराई जायेगी, जिसके लिये धनराशि उन्हें उपलब्ध कराई जायेगी तथा घोड़े खच्चरों को उचित दाम पर दाना-चारा उपलब्ध कराया जाय। तथा घोड़ा खच्चर जब तक स्वस्थ नहीं होता है, तब तक उन्हें यात्रा मार्ग में संचालित न किया जाये, तथा डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी होने पर ही घोड़े खच्चरों का संचालन किया जायेगा।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मा0 मंत्री को आश्वस्त किया गया कि बैठक में उनके द्वारा जो भी दिशा-निर्देश दिये गये हैं उनका संबंधित अधिकारियों से अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा।

बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती अमरदेई शाह, सचिव पशुपालन, सहकारिता, डेयरी डाॅ बी.बी.आर.सी. पुरुषोत्तम, पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल, निदेशक पशुपालन डाॅ प्रेम कुमार, उपजिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ राजीव गोयल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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