57 वर्षों बाद भी अपनी भूमि का मालिकाना हक न मिलने से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का धरना-प्रदर्शन.. रिपोर्ट-लक्ष्मण नेगी

57 वर्षों बाद भी अपनी भूमि का मालिकाना हक न मिलने से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का धरना-प्रदर्शन.. रिपोर्ट-लक्ष्मण नेगी
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         ऊखीमठ : 57 वर्षों बाद भी अपनी भूमि का मालिकाना हक न मिलने से आक्रोशित ग्राम पंचायत फाफज के सलामी तोक के नौ परिवारों द्वारा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कुंड – चोपता – गोपेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग पर करेला नामक तोक में धरना-प्रदर्शन के साथ दो घण्टे का चक्काजाम किया गया। तहसील प्रशासन व वन विभाग व ग्रामीणों के बीच सकारात्मक वार्ता जारी है साथ ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आमरण अनशन के लिए बाध्य हो जायेगें। सोमवार को निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रातः 10 बजे सलामी तोक के नौ परिवार अपने सभी परिजनों के साथ ऊखीमठ जीएमवीएन के निकट स्थित करेला नामक तोक पहुँचे, जहाँ पर उन्होंने नारेबाजी करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया जिससे राजमार्ग के दोनों ओर लम्बा जाम लग गया।

         इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप रावत ने सैकड़ों समर्थकों के साथ ग्रामीणों को अपना समर्थन दिया। प्रभावित दिलबर सिंह पंवार,रणबीर सिंह पंवार,जसपाल सिंह,शिशुपाल सिंह,भगत सिंह,दिनेश सिंह व वीर सिंह आदि का कहना है कि उनकी भूमि उनके नाम पर दर्ज न होने के कारण कृषि सहित अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा व बच्चों के दस्तावेज बनाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठीक 11 बजे वार्ता करने तहसीलदार दिवान सिंह राणा पहुंचे तो वार्ता विफल रही।

          सवा ग्यारह बजे उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा धरना स्थल पर पहुंचे लेकिन ग्रामीण नहीं माने तथा वह लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। बारह बजे सकारात्मक वार्ता के आश्वासन पर प्रभावित एवं जनप्रतिनिधि कालिंका धार मंदिर परिसर में पहुंचे, जहां पर पूर्व विधायक आशा नौटियाल ने मुख्यमंत्री के विशेष सचिव वन संरक्षक पराग मधुकर धकाते से फोन पर वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी, जिसके बाद विशेष सचिव द्वारा उपजिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा को पत्रावलियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उपजिलाधिकारी द्वारा एक हफ्ते में सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया गया। समाचार लिखे जाने तक तहसील प्रशासन, वन विभाग व ग्रामीणों की वार्ता जारी है साथ ही सलामी तोक के नौ परिवारों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आमरण अनशन के लिए बाध्य होगे जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी तहसील प्रशासन व वन विभाग की होगी।

         इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चण्डी प्रसाद भटट् ,जिपंस विनोद राणा ,प्रधान पुष्पा देवी,प्रेमलता पंत,क्षेपंस बृजेश पंत,पूर्व कनिष्ठ प्रमुख दर्शनी पंवार,लक्ष्मी प्रसाद भट्ट सभासद रविंद्र रावत,प्रकाश पंवार, अनीता देवी,राजेश्वरी देवी, दीपा देवी, शरादी देवी, हेमा देवी,प्रकाश रावत, प्रकाश गुसाई आदि रहे।

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