सफलता के लिए आत्मविश्वास, कठिन परिश्रम, धैर्य व लक्ष्य के प्रति गंभीरता : डीएम गोयल – लक्ष्मण नेगी अगस्त्यमुनि

सफलता के लिए आत्मविश्वास, कठिन परिश्रम, धैर्य व लक्ष्य के प्रति गंभीरता : डीएम गोयल – लक्ष्मण नेगी अगस्त्यमुनि
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ऊखीमठ। जिलाधिकारी मनुज गोयल के निर्देश व प्रयासों के चलते प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में जिला प्रशासन के निर्देशन में संचालित उत्कृष्टता केंद्र ज्ञान गंगा के अंतर्गत यू.के.सी.सी.सी. व एस.एस.सी. से संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु आयोजित प्रशिक्षण केंद्र में पहुंचकर जिलाधिकारी ने युवाओं को बेहतर भविष्य हेतु शुभकामनाएं दी। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र में उपस्थित युवाओं से अपने अनुभव भी साझा किए साथ ही उन्हें आत्मविश्वास, कठिन परिश्रम, धैर्य व निर्धारित लक्ष्य के प्रति गंभीर होने को कहा।

मंगलवार को ज्ञान गंगा द्वारा आयोजित प्रथम बैच के अवसर पर प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे जिलाधिकारी श्री गोयल ने युवाओं से मुखातिब होते हुए कहा कि कोई भी परीक्षा बड़ी अथवा छोटी नहीं होती। इसलिए किसी भी परीक्षा को पास किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए हमें पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत, खुद पर आत्मविश्वास होना आवश्यक है। साथ ही अनुशासन, कठिन परिश्रम व धैर्य का होना भी जरूरी है। इस दौरान जिलाधिकारी ने युवाओं से उनका फीड बैक लेते हुए भरोसा दिलाया कि तैयारी कर रहे युवाओं को उनके स्तर से होने वाला हर तरह का सहयोग दिया जाएगा। युवाओं द्वारा भी जिलाधिकारी से प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे गए। जिनका जवाब देते हुए जिलाधिकारी ने उन्हें बारीकी से जानकारी दी। साथ ही किसी तरह का संदेह होने अथवा प्रशिक्षण से संबंधित अन्य समस्याओं को लेकर भी उनका फीड बैक लिया। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए करेंट अफेयर्स तथा खुद को अपडेट रखने व प्राणायाम, योगा करने का सुझाव दिया। साथ ही कहा कि तैयारी कर रहे युवा एक व्हट्स एप ग्रुप बना सकते हैं ताकि आपसी समन्वय के आधार पर प्रतियोगिता से संबंधित किसी प्रकार के संदेह आदि का निराकरण हो सके। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

इससे पूर्व महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. पुष्पा नेगी ने जिलाधिकारी का धन्यवाद देते हुए युवाओं से प्रशिक्षण का लाभ लेने को आह्वान किया। वहीं काउंसलर राघवेंद्र सिंह ने प्रशिक्षण से संबंधित जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को उनकी रूचि के अनुसार संबंधित क्षेत्र में उत्कृष्ट बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. दलीप सिंह बिष्ट द्वारा रचित हिंदी गढ़वाली काव्य संग्रह एवं गढ़वाली लोकोक्तियां (औखाणा-पखाणा) उत्तराखंड: विकास और आपदाएं व मध्य हिमालय: पर्यावरण, विकास और चुनौतियां नामक पुस्तकों का विमोचन किया। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण हेतु चार बच्चों को एडमिट कार्ड भी दिए। मंच का संचालन डाॅ. सुधीर पेटवाल द्वारा किया गया। इस दौरान डाॅ. जीतेंद्र सिंह, डाॅ. मनीषा आदि सहित कई युवक/युवतियां उपस्थित रहे।

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