देश में भव्य मनाया जा रहा 67वाँ वन्यजीव सप्ताह दिवस – डॉ. दीपक सिंह कुंवर

देश में भव्य मनाया जा रहा 67वाँ वन्यजीव सप्ताह दिवस – डॉ. दीपक सिंह कुंवर
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देश के अंतर्गत मनाया जा रहा 67वाँ वन्यजीव सप्ताह दिवस

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में स्थित मालसी डियर पार्क में 17 अक्टूबर, 2021 तक आयोजित होने वाले वन्यजीव सप्ताह 2021 के शुभारंभ के मौके पर वन्य जीवों को प्यार करने और उनके दीदार करने वाले बच्चों को एक बड़ी सौगात देते हुए प्रदेश के टाइगर रिज़र्व, नेशनल पार्क, वन्यजीव अभयारण्य, कंज़र्वेशन, रिज़र्व, चिड़ियाघर, नेचर पार्क में देश भर के 18 वर्ष तक के सभी बच्चों के प्रवेश शुल्क को खत्म कर दिया है। इससे देश के लगभग 45 करोड़ युवा छात्रों को पर्यटन से जोड़ने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री धामी जी ने कहा कि- “उत्तराखंड का 71 प्रतिशत भू-भाग में वन क्षेत्र है। यहां के स्थानीय लोगों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण करने हेतु वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण के क्षेत्र अत्यंत महत्पूर्ण है। यहां के लोगों को वनों एवं वन्यजीवों के आर्थिकी से जोड़ने के लिए जल्दी ही ‘सी.एम.यंग-ईकोप्रिन्योर स्कीम’ की शुरुआत की जायेगी। इस स्कीम के अन्तर्गत 1 लाख युवाओं को ईको-प्रिन्योर बनाया जायेगा। इस स्कीम के अन्तर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पाइलट, वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर, ईकोटूरिज्म, वन्यजीव टूरिज्म आधारित कौशल के उद्यम में परिवर्तित किए जायेंगे।

वन्य जीवों के संरक्षण के लिए उत्तराखंड में

आरक्षित क्षेत्र हैं :-
० राष्ट्रीय उद्यान-06
० वन्य जीव विहार-06
० संरक्षण आरक्षित-02
० उच्च स्तरीय प्रणाली उद्यान-01
० जैव सुरक्षित क्षेत्र-01

देशवासी इस वर्ष 67वां वन्यजीव सप्ताह मना रहे हैं। इस वर्ष राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह थीम 2021: “वन और आजीविका: लोगों और ग्रह को बनाए रखना (Forests and Livelihoods: Sustaining People and Planet)” है। इस सप्ताह 2 से 8 अक्टूबर 2021 तक देश के प्रत्येक हिस्से में वन्यजीव सप्ताह मनाया जा रहा है, क्योंकि यह सप्ताह वन्यजीव संसाधनों के संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाता है।
भारत प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक वन्य जीव सप्ताह मनाता है, इसे भारत के जीव-जंतुओं की रक्षा करने के उद्देश्य से हर साल मनाया जाता है।

इस सप्ताह के दौरान, लोगों को वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इस सप्ताह के दौरान, लोगों को वन्यजीवों के बारे में जागरूक करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कई जागरूकता-निर्माण गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।यह सप्ताह इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि प्रकृति के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में वन्यजीव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसका कोई भी नुकसान पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा पैदा कर सकता है ।अतः वनस्पतियों और जीवों को संरक्षित करना महत्वपूर्ण हो जाता है। यह इसलिए भी क्योंकि, भारत एक जैविक हॉटस्पॉट है। यह कई जानवरों की प्रजातियों का समर्थन करता है। भारत विश्व की 7% से अधिक जैव विविधता का घर है। भारत की पशु संपदा भी अविश्वसनीय रूप से विविध है। भारत दुनिया के जीवों का 7.4% हिस्सा है।

वर्ष 1957 में पहली बार वन्यजीव सप्ताह मनाया गया था। भारत भर में वन्यजीवों की रक्षा के दीर्घकालिक लक्ष्यों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 1952 में भारतीय वन्यजीव बोर्ड द्वारा वन्यजीव सप्ताह की अवधारणा की गई थी। प्रारंभ में वन्यजीव दिवस 1955 में मनाया गया था, लेकिन 1957 में इसे वन्यजीव सप्ताह के रूप में अपग्रेड किया गया था।

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