हेमकुंड में हेलीपैड निर्माण कार्य का विरोध हुआ तेज एवज में सीएम को दिया ज्ञापन… रिपोर्ट :-संजय कुंवर

हेमकुंड में हेलीपैड निर्माण कार्य का विरोध हुआ तेज एवज में सीएम को दिया ज्ञापन… रिपोर्ट :-संजय कुंवर
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हेमकुंड में हेलीपैड निर्माण कार्य का विरोध हुआ तेज एवज में सीएम को दिया ज्ञापन… रिपोर्ट :-संजय कुंवर

     जोशीमठअति संवेदनशील लोकपाल क्षेत्र में हेमकुंट साहिब से एक किलोमीटर नीचे साम लांगड़ तोक में बन रहे हेलीपैड निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की मांग के साथ हेलीपैड निर्माण का विरोध शुरू।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने आज सीएम उत्तराखंड को सौंपा ज्ञापन, जिसमें बताया गया है कि यूनेस्को की विश्व धरोहर क्षेत्र ओर अति संवेदनशील जैव विविधता संरक्षित उच्च हिमालयी क्षेत्र श्री लोकपाल हेमकुंट साहिब में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों एवं मानकों की धज्जियां उड़ाकर बन रहे हेलीपैड के विरोध में पुलना घाटी भ्युंडार घांघरिया के व्यापारियों,स्थानीय लोगों जनप्रतिनिधियों और प्रकृति प्रेमियों के साथ अब जोशीमठ क्षेत्र के जन प्रतिनिधि ओर प्रकृति प्रेमी आगे आने लगे हैं। इस सम्बन्ध में सीएम उत्तराखंड को प्रेषित ज्ञापन में बताया गया कि लोकपाल हेमकुंट साहिब नन्दादेवी बायोस्फीयर रिजर्व क्षेत्र ओर विश्व धरोहर फूलों की घाटी के अति संवेदनशील हिमालई जॉन में आता है, इस क्षेत्र में दुर्लभ जैव विविधता से भरी वनस्पतियां जड़ीबूटियां ओर वन्य जीवन का प्राकर्तिक आवास है।

ज्ञापन में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के 3 सदस्यीय पीठ के एक निर्णय में नेशनल पार्क क्षेत्र में कोई भी स्थाई निर्माण को पूर्णतया प्रतिबंधित किया गया है,तो ऐसे में हेमकुंट क्षेत्र में स्थाई हेलीपैड बनाना माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उलंघन है।

बता दें कि हेमकुंट साहिब में रोपवे निर्माण की भी हरी झंडी मिल चुकी है, करीब साढ़े आठ सौ करोड़ की लागत से ये प्रोजेक्ट बनने जा रहा है। और हेली सेवा भी घांघरिया तक सुचारू है ऐसे में नए हेलीपैड बनने के बाद पुलना घाटी के लोगों को अपने सीजनल रोजगार के चौपट होने की आशंका होने लगी है।

घांघरिया पुलना के होटल कारोबारी ओर प्रकृतिप्रेमी रघुवीर सिंह चौहान का कहना है कि सरकार यदि आपदा ओर आपातकाल के उद्देश्य से यहां हेलीपैड निर्माण करा रही तो बता दें कि ढाई तीन दशक पूर्व भी तत्कालीन गृह मंत्री बूटा सिंह के साथ यहां हेमकुंट धाम में अस्थाई हेलीपैड पर हेली उतर चुका है। तो सरकार पर्यावरण मानकों ओर जैव विविधता को बचाते हुए कम लागत में ही आपात स्थिति में फिर से इसी पुरानी जगह का इस्तेमाल कर हेलीपैड बना सकती है। आज सीएम धामी को प्रेषित ज्ञापन में जोशीमठ क्षेत्र के सामाजिक कार्य करता और जनप्रतिनिधियों प्रकृति प्रेमियों ने हेमकुंट क्षेत्र में बन रहे हेलीपैड निर्माण को तत्काल रोक लगाने की मांग की है अन्यथा क्षेत्र की जनता के समुख आंदोलन ही विकल्प होगा। ज्ञापन देने वालों में सामाजिक कार्यकरता ओर जोशीमठ बचाओ संगर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, प्रवक्ता कमल रतूड़ी, सहित कई लोगो के हस्ताक्षर है।

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