पिता-पुत्र का साहसिक कारनामा, 5835 मी० ऊंचे “हिडन पास” दुरह गुप्त खाल दर्रे को पार किया… रिपोर्ट :- संजय कुंवर

पिता-पुत्र का साहसिक कारनामा, 5835 मी० ऊंचे “हिडन पास” दुरह गुप्त खाल दर्रे को पार किया… रिपोर्ट :- संजय कुंवर
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पिता-पुत्र का साहसिक कारनामा, 5835 मी० ऊंचे “हिडन पास” दुरह गुप्त खाल दर्रे को पार किया… रिपोर्ट :- संजय कुंवर

          बदरीनाथजोशीमठ क्षेत्र के परसारी गांव के सोहन सिंह बिष्ट और अंकित बिष्ट पिता पुत्र की पथारोही जोड़ी गुप्त खाल दर्रे को पार करने में कामयाब 5835 मीटर की उंचाई पर है हिडन पास गुप्त खाल दर्रा,जोशीमठ एडवेंचर एसोशिएशन का पहला कमर्शियल ट्रैकिंग दल बना “स्नो लाईन ट्रैक” जिसने गमशाली से गुप्त खाल सकुशल ट्रैक पूरा किया।

देश दुनिया के कुछ सबसे खौपनाक दुरूह दर्रों में एक ओर हिडन पास के नाम से उत्तराखंड एडवेंचर मैप पर साहसिक ट्रेकरों को अपने ओर आकर्षित करने वाला गमशाली गुप्त खाल ट्रैक इन दिनों काफी चर्चा में है।

दरअसल ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक स्मिथ के पर्वतारोहण अभियान के बाद 2010 में एक भारतीय दल के अलावा अबतक इस ट्रेकिंग रूट पर महज आधा दर्जन अभियान ही सफल हो सके है,लेकिन बड़ी बात ये है कि इस बार इस दुरह पास को जोशीमठ के स्नो लाईन एडवेंचर ट्रेकिंग कम्पनी चलाने वाले पिता पुत्र की जोड़ी सोहन सिंह बिष्ट ओर अंकित बिष्ट ने अपने बलबूते 9 सदस्यीय ट्रेकिंग दल के साथ 10 दिनों में गमशाली,एरी उड़ीयार,वान कुंड, रक्तवन, गढ़ कैंप, गुप्त खाल, होकर पूरा कर अनूठा रिकॉर्ड कायम किया है।

बता दें कि जोशीमठ एडवेंचर एसोशिऐसन के ट्रेकिंग ऑपरेटर सोहन बिष्ट के पुत्र अंकित बिष्ट इस गुप्त खाल दर्रे को सबसे पहले पार करने वाले सबसे कम उम्र के पथारोही भी है,इस अनुभव को भुनाते हुए ही उन्होंने गुप्त खाल पास को आसानी से अपने 2 क्लाइंट के साथ पार कर जोशीमठ का नाम रोशन किया है,अपने अनुभव ओर जोश जज्बे के चलते ही अंकित बिष्ट जैसे युवा साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में बुलंदियों को छू रहे है।

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