विश्व सांस्कृतिक धरोहर “रम्माँण” को संजोने और जोड़ने वाले गाँव ‘सलूड-डुंग्रा के सड़क की बदहाल हालत …रिपोर्ट- संजय कुँवर

विश्व सांस्कृतिक धरोहर “रम्माँण” को संजोने और जोड़ने वाले गाँव ‘सलूड-डुंग्रा के सड़क की बदहाल हालत …रिपोर्ट- संजय कुँवर
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        जोशीमठ। उत्तराखंड के जोशीमठ प्रखण्ड में यूनेस्को की सूची में शामिल विश्व सांस्कृतिक धरोहर “रम्माँण” को संजोने और जोड़ने वाले गाँव सलूड-डुंग्रा के सड़क की हालत बदहाल और दयनीय बनी हुई है। इस सड़क पर गढ़ी मंदिर से आगे संकरी चट्टानी क्षेत्र में कीचड़ और जानलेवा गड्डों के चलते सड़क पर वाहन को चलाना खतरे से खाली नहीं है। सड़क का सुधारीकरण जल्द नहीं हुआ तो कोई भी बड़ा हादसा आए दिन कभी भी हो सकता है। पिछले कई लम्बे समय से इस मोटरमार्ग पर वाहन चलाकों को खतरा बना हुआ है।

       आप तस्वीरें देख खुद इस बात का अनुमान लगा सकते हैं, जो तस्वीर विश्व सांस्कृतिक धरोहर स्थल के गाँव को जोड़ने वाली इस एकमात्र सड़क की कहानी बंया कर रही है। इतना समझ लीजिए कि यहाँ जरा सी चूक होना जिंदगी से हाथ धोना है, लेकिन इस स्थिति को देखकर तो यही लग रहा है कि शासन-प्रशासन में बैठे सभी अफसरों को विश्व धरोहर स्थल से कोई लेना देना नहीं है।

       स्थानीय निवासी भगत सिंह का कहना है कि- विभाग और प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही के चलते विश्व धरोहर स्थल को जोड़ने वाले सड़क मार्ग की हालात इस तरह खराब है तो अन्य जगह के सड़क मार्गों के हालात का क्या कहें?? जिसके चलते गाँव में खाद्यान आपूर्ति सहित अन्य साजों सामान का पहुँचना मुश्किल हुआ है। इस घाटी के करीब आधा दर्जन गाँव के ग्रामीण पैदल ही आधा मार्ग से जोशीमठ मुख्यालय आवाजाही करने को मजबूर हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि हम आज भी 18वीं सदी में जी रहे हैं, जहाँ पैदल चलना एक आम बात थी।

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