भक्तों के लिए खुले भगवान फ्यूलानारायण के कपाट…रिपोर्ट :- रघुबीर नेगी

भक्तों के लिए खुले भगवान फ्यूलानारायण के कपाट…रिपोर्ट :- रघुबीर नेगी
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भक्तों के लिए खुले भगवान फ्यूलानारायण के कपाट…रिपोर्ट :- रघुबीर नेगी

        उर्गम घाटी। श्री फ्यूलानारायण मन्दिर उर्गम घाटी, जहां केवल महिला को ही नारायण की साज श्रृंगार का अधिकार है। भगवान कल्पेश्वर मन्दिर से 4 किमी की दूरी पर पर स्थित हिमालय की चोटियों में विराजमान भगवान श्री फ्यूलानारायण मन्दिर के कपाट 16 जुलाई को भक्तों के दर्शनार्थ 11 बजकर 45, मिनट पर आज खुल गए हैं ।

श्री फ्यूलानारायण मन्दिर के कपाट हर वर्ष श्रावण विखोदी के दिन खुलते हैं व भादों असूज की नन्दा अष्टमी को बन्द हो जाते हैं।

यहां नारायण की मूर्ति चतुर्भुज रुप में विराजमान है नारायण की मूर्ति के दोनों तरफ जय विजय दो द्वारपाल हैं जिन्हें स्थानीय लोगों द्वारा नारायण के बच्चे भी कहा जाता है पौराणिक कथाओं के अनुसार मान्यता है कि नारायण के द्वार पाल जय विजय थे। नारद मुनि को एक बार प्रणाम न करने के कारण दोनों को राक्षस कुल में जन्म होने का श्राप दे दिया था, जिनका दूसरा जन्म रावण व कुम्भकरण के रुप में हुआ। श्री फ्यूलानारायण मन्दिर में नारायण मां नन्दा स्वनूल जाख क्षेत्रपाल वनदेवियों पितरों की पूजा की जाती है व अखण्ड धूनि अग्नि कपाट बन्द होने तक जलती रहती है। प्रत्येक दिन पूजा के अलावा बाड़ी व सत्तू का भोग लगाया जाता है। यहां नारायण की पुष्प वाटिका में नाना प्रकार के रंग विरंगे फूल खिलते है।

फ्यूयाण या तो दस साल से कम उम्र की बालिका होती है या 55 वर्ष से ऊपर की महिला जो फूलों की बगिया से फूल नारायण के श्रृंगार के लिए लाती है। कल्पेश्वर मन्दिर से हल्की चढ़ाई व बीच बीच में जंगलों का दृश्य व 100 मीटर ऊपर से गिरता भिगरख्वे जल प्रपात मन को मोह लेता है। मार्ग में पतोता विनायक जबरखेत विनायक दुदला विनायक खर्सू पाटा विनायक कुंदी व खोड विनायक के दर्शन होते हैं। यहाँ भर्की भैंटा ग्राम पंचायत के प्रति परिवार की हर वर्ष पूजा अर्चना की बारी होती है। इस वर्ष पुजारी योगम्बर सिंह फ्यूयाण का दायित्व पार्वती देवी का है। इस वर्ष फ्रेंड्स ग्रुप एवं श्री फ्यूलानारायण मंदिर समिति द्वारा मंदिर को भव्य रुप से 01 कुंतल फूलों से सजाया गया है।

इस अवसर पर लक्ष्मण सिंह नेगी पश्वा भूमिक्षेत्र पाल मंजू रावत प्रधान भर्की उजागर फर्स्वाण हर्षवर्धन हरीश परमार प्रमुख जोशीमठ फर्स्वाण अध्यक्ष मेला कमेटी भर्की देव चौहान प्रेम सिंह चौहान सुरेंद्र रावत सरपंच भर्की रघुबीर पवांर देवेन्द्र रावत प्रधान देवग्राम अनूप नेगी अध्यक्ष प्रधान संघ जोशीमठ समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।

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